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नोटबंदी का फायदा उठाने वाले पढ़ना ना भूलें यह खबर, नहीं तो जाना पड़ सकता है जेल #RsArtIndia source R.p.

आयकर विभाग ने नोटबंदी का फायदा उठाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विभाग अब आयकर रिटर्न दाखिल करते समय नोटबंदी के दौरान जमा कराए गए 500 और 1000 रुपए के नोटों का ब्यौरा भी मांग रहा है। इसके लिए विभाग ने आईटीआर भरने वाले सॉफ्टवेयर तक में बड़ा बदलाव कर दिया है। सोमवार को आयकर रिटर्न दाखिल कराने की आखिरी तारीख है। जिसके चलते जानकारी ना देने वालों के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है। आयकर विभाग ने करदाताओं पर शिकंजा कसने के लिए आईटीआर में बड़ा संशोधन किया है।सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग आयकर रिटर्न करने वालों से 9 नवम्बर 2016 से 30 दिसम्बर 2016 तक की अवधि में नोटबंदी के दौरान जमा कराए गए 1000 और 500 रुपए के पुराने नोटों का भी हिसाब मांग रहा है। आयकरदाताओं को रिटर्न फाइल करते समय ना सिर्फ जमा कराए गए नोटों की संख्या और उनकी मौद्रिक वेल्यू (कितने रुपए) बतानी होगी, बल्कि बैंक एकाउंट और बैंक की जिस शाखा में जमा कराए गए हैं उसकी जानकारी भी देनी होगी। सीए मिलिंद विजयवर्गीय ने बताया कि दो लाख से अधिक राशि के पुराने नोट जमा होने पर आयकर विभाग करदाता को नोटिस भेजकर आय के स्रोत की जानकारी मांग सकता है।

गलत जानकारी दी तो खैर नहीं आयरकर रिटर्न भरते समय नोटबंदी का फायदा उठाने की जानकारी देने के साथ ही पैन कार्ड को आधार कार्ड और बैंक खातों से लिंक करने की अनिवार्यता भी लागू कर दी है। एेसे में अगर किसी करदाता ने नोटबंदी के दौरान अपने बैंकों के बचत खातों, ऋण खातों और करंट एकाउंट आदि में दो लाख से अधिक की राशि जमा कराई है और आईटीआर में घोषित आय व नोटबंदी के दौरान जमा राशि का मिलान नहीं हो रहा है तो उनकी खैर नहीं। आयकर विभाग ऐसे लोगों को डिफॉल्टर मानकर उनके खिलाफ नोटिस जारी करेगा। जिसका सही जवाब ना देने पर आयकर कटौती करने के साथ ही विभाग कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है ।

आधार ने बढ़ाई मुसीबत आयकर विभाग ने रिटर्न फाइल करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता लागू कर दी है। एेसे में करदाता के पेन कार्ड के नाम व जन्मतिथि आधार कार्ड से मिसमैच हो रहे हैं। जिससे करदाताओं को रिर्टन फाइल ना होने पर खासा परेशान होना पड़ रहा है। इन सबके चलते करदाता आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि संशोधन करवाने के लिए ईमित्रों पर चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सरकार ने ईमित्रों पर नाम संशोधन कराना भी बंद कर दिया है।

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